सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों को सील करने का जो आदेश आया था, उसमें आवास विकास को द्वारा कार्रवाई शुरू करते ही व्यापारियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। इस बीच व्यापारियों को पुलिस से नोंकझोंक भी हुई और व्यापारियों ने सेटबैक के नाम पर 70 करोड़ रूपये जमा कराने पर जवाब भी मांगा। जिसके बाद पूरे सेंट्रल मार्केट को छावनी में तब्दील कर दिया गया।