कोपागंज ब्लॉक के पांच गांवों में प्रस्तावित आवास विकास परिषद की आवासीय योजना को लेकर किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। पांच गांवों में 800 बीघा भूमि पर आधुनिक आवासीय कॉलोनी बनाने की स्वीकृति मिल गई है। शहरोज, रेवरीडीह, मेघई और डाड़ी खास की भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार की शाम शहरोज गांव में किसानों की महापंचायत आयोजित की गई। किसानों ने स्पष्ट कहा कि बाजार मूल्य के अनुरूप उचित मुआवजा मिलने तक वे अपनी जमीन नहीं देंगे। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री मंत्री एके शर्मा ने भी किसानों की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। महापंचायत में किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे की दर अब तक स्पष्ट नहीं की गई है। इसी कारण किसानों में भारी नाराजगी है। कहा कि विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन कौड़ी के भाव पर किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। इससे पहले आवास विकास परिषद के अधिकारियों और किसानों के बीच लगातार दो दिनों तक वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक वर्मा और सहायक अभियंता विवेक कुमार ने शहरोज, रेवड़ीडीह, मेघई और डाड़ी खास गांव के किसानों से बातचीत की थी। अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन मुआवजे की दर पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इस दौरान योगेश राय, हिमांशु राय, नरेंद्र कुमार, अशोक राय, अमित राय, नंद कुमार, अरविंद यादव, सतेंद्र राय, अमित त्रिपाठी, मनीष राय, सुधार साहनी, विकास कुमार, विष्टकांत आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।