इसरो के स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर अहमदाबाद के निदेशक डॉ निलेश एम देसाई ने शुक्रवार को जिला स्टेडियम में आयोजित बाल संवाद कार्यक्रम में कहा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बना है। ये वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम और वर्षों की लगन का परिणाम है। कहा कि चन्द्रयान 3 के बाद चन्द्रयान 4 और 5 के लिए तैयारी की जा रही है। जिसमें हम वहां पहुंचकर मिट्टी के नमूने लाना है। जापान के साथ मिलकर दक्षिणी ध्रुव में पानी को खोदने का प्रयास किया जाएगा। उसके बाद मंगल ग्रह पर लैड़िग करना है। मंगल पर उतरकर जमीन पर सतही परिक्षण करना है।कहा कि देश की सुरक्षा के लिए 52 उपग्रह छोड़ने जा रहे हैं। उन्होंने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बना है। ये वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम और वर्षों की लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विनस शुक्र ग्रह पर कार्बन डाई आक्साइड ज्यादा है।ऐसे में वहां की स्थिति ऐसी क्यों हुई। इसका अध्ययन और अवलोकन करके देश को उससे बचाना है। वहीं नेविगेशन प्रोग्राम नाविक को देश में पूरी तरह से लागू करना है। वहीं देश की सुरक्षा के लिए 52 उपग्रह छोड़ने जा रहे हैं।जिसमें 21 इसरो काम करेगा उसपर और 31 पर प्राइवेट सेक्टर काम करेगा।