मऊ में यूपीआई रसीद और क्लोन एप से ऑनलाइन फर्जी पेमेंंट कर दुकानदारों को ठगने के आरोप में मऊ कोतवाली पुलिस ने सोमवार की रात धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके घर से ठगी कर खरीदे गए 16 इलेक्ट्रानिक सामान बरामद किया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वो बलिया जिले के रसड़ा थाना के हरिहरपुर चिलकहर मुंडेरा गांव में अपने ससुराल में रहता है। बीते 02 जुलाई को मऊ कोतवाली क्षेत्र के मुसरदह मोड़ भीटी स्थित हरदेव फर्नीचर एंड इलेक्ट्रानिक्स सेंटर के मालिक की तहरीर पर पुलिस ने इसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि धर्मेंद्र यादव उनकी दुकान पर पहुंचा और समरकूल कंपनी का कूलर (कीमत 8200) पसंद किया। उस दिन उनकी दुकान में क्यूआरकोड का साउंड बॉक्स चार्ज नहीं था। उसने स्कैन करके भुगतान किया और कूलर लेकर भाग गया। लेकिन वास्तव में उनके बैंक खाते में पैसा नहीं आया था। घटना के अनावरण के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना कोतवाली दबिश दे रही थी। मुखबिर की सूचना पर सोमवार की रात टीम ने हरिहरपुर चिलकहर पहुंचकर उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि वह अपने ससुराल बलिया से बाहर गाजीपुर, मऊ, वाराणसी आदि जनपदों में जाकर ऐसी दुकानों की तलाश करता है, जहां ऑनलाइन पेमेंट का साउंड बाक्स नहीं लगा होता है। दुकानों से सामान पसंद कर क्यूआरकोड को मोबाइल का नेट बंद करके स्कैन करता है। क्यूआरकोड घूमने के दौरान जनरेट होने वाले यूटीआर को दुकानदार को दिखाकर या कभी कभी क्लोन एप के माध्यम से फर्जी भुगतान की रसीद दिखाकर दुकानदार को विश्वास में लेता है और सामान लेकर चला जाता है। उसने सभी जगहों पर अपना नाम और पता अलग-अलग बताता था। धोखाधड़ी से प्राप्त सामान को अपने घर पर रखकर बाद में ग्राहकों को औने पौने दाम में बेचकर उससे प्राप्त धनराशि से जीवन-यापन करता था।