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मऊ कचहरी में अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार, एसडीएम के विरोध में हुए एकजुट, स्थानांतरण की मांग को लेकर निकाला मार्च

मधुबन एसडीएम के स्थानांतरण की मांग को लेकर मधुबन तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। मांगों को लेकर तहसील परिसर में नारेबाजी की फिर हाथों में तख्तियां और मुंह पर मास्क लगाकर मौन जुलूस निकाला। मौन जुलूस तहसील परिसर से निकलकर मधुबन बाजार होते हुए शहीद स्मारक पर पहुंचा। वहां अधिवक्ताओं ने मधुबन कांड के अमर शहीदों को नमन किया। वहीं मधुबन तहसील बार के समर्थन में सदर और घोसी तहसील के अधिवक्ताओं ने भी कार्य बहिष्कार किया। सोमवार को किसी भी न्यायालय में न्यायिक कार्य नहीं हुए। वादकारी मायूस होकर लौट गए। मधुबन तहसील बार के अध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बीते 25 अप्रैल से अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर आंदोलन पर हैं। एसडीएम मधुबन की कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। उनके द्वारा न्यायिक कार्य की गरिमा का पालन नहीं किया जा रहा है। विधिक प्रक्रियाओं को पालन न करते हुए पत्रावालियों को अनियमित तरीके से पारित किया जा रहा है। हमारी मांग है कि एसडीएम मधुबन का यहां से स्थानांतरण किया जाय और अब तक जारी सभी पत्रावालियों को तलब कर उनकी न्यायिक समीक्षा की जाय। जुलूस में मनोज कुमार सिंह, तारिक जमील, बजरंगबली पांडेय, मनोज कुमार, प्रदीप मिश्रा, योगेश कुमार चतुर्वेदी, अविनाश कुमार मल्ल, संजय यादव, शिवानंद मौर्य, आनंद कुमार त्रिपाठी, सत्यप्रकाश सिंह, आसिफ खान, राजेश कुमार आदि अधिवक्ता मौजूद थे। इस संबंध में मधुबन एसडीएम अखिलेश सिंह यादव ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप सभी आपत्तियों का समय सीमा के अंदर निस्तारण हमारी पहली प्राथमिकता है। कार्य तेजी से हो रहा है। वर्तमान में पैमाइस के लंबित 43 आवेदन में से 36 का निस्तारण किया जा चुका है। वरासत के मामले भी तेजी से निस्तारित हो रहे हैं। अधिवक्ता संघ को वार्ता एवं सहयोग के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन सहयोग नहीं मिल रहा है। सदर, मधुबन और घोसी तहसील में अपनी अपनी फाइलों में सुनवाई पर पहुंचे वादकारियों ने बताया कि आए दिन अधिवक्ता कार्य बहिष्कार पर कर देते हैं, जिससे उनके मामले लंबित हो रहे हैं। किसी की 15 दिन तो किसी की 30 दिन बाद सोमवार को सुनवाई होनी थी। लेकिन अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के चलते आज भी फाइलों में तारीख लग गई। सदर तहसील में पहुंचे वादकारियों ने बताया कि सदर तहसील में मंगलवार और शनिवार को न्यायिक कार्य नहीं होता है। शेष चार दिन में तीन दिन तहसील बार द्वारा कोई न कोई कारण बताकर प्रस्ताव कर दिया जाता है।

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