मऊ नगर के आजमगढ़ तिराहा से जुलूस निकालकर क्रान्तिकारी लोक अधिकार संगठन और इंकलाबी मजदूर केन्द्र की ओर से काकोरी के शहीदों को याद करते हुए जुलूस निकाला गया। जो आजमगढ़ मोड़ से शुरू होकर मुंशीपुरा, चाँदपुरा, छत्तरपुरा, सदर चैक होते हुए रौजा पहुंचा। जहां जनसभा आयोजित की गयी। जनसभा को सम्बोधित करते हुए रामजी सिंह नें कहा कि अशफाक उल्ला खॉ, रामप्रसाद विस्मिल, रोशन सिंह, और राजेन्द्र लाहिड़ी, भगत सिंह व अन्य साथियों के साथ मिलकर अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़कर भारत को आजादी दिलाना चाहते थे। ये क्रान्तिकारी पूंजीवादी व्यवस्था से मजदूरों, मेहनतकशों व आमजनता को आजादी दिलाने के लिए लड़ रहे थे। ये देशी और विदेशी दोनो ही तरह के पूंजीपतियों द्वारा की जा रही लूट पाट के खिलाफ लड़ रहे थे। इन क्रान्तिकारियों की लड़ाइयों को आगे बढ़ाकर ही देश में बढ़ रहे फांसीवाद का मुकाबला किया जा सकता है। व्यवस्था पोषक राजनैतिक पार्टियों के बहकावें में न आकर जनता को जाति व मजहब के भेद भाव से दूर रहकर एकाधिकारी पूंजीपति वर्ग की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिए लड़ना होगा।