मथुरा के बलदेव में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह हुए सड़क हादसे में एक दर्शन से अधिक वाहनों के भिड़ने से मौके पर हाहाकार मच गया। वाहनों में आग लगी थी। लोग मदद के लिए चीख रहे थे। ऐसे में स्थानीय लोग देवदूत बनकर सामने आए। लोगों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग की लपटों में झुलस चुके लोगों को बाहर निकाला। उन्हें अस्पताल भेजा। गांव हथकौली निवासी योगेश सिकरवार ने बताया वह होमगार्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सुबह दौड़ने जाते हैं। अचानक सुबह 4.10 पर तेज आवाज सुनाई दी। देखा तो आग लग रही थी। धुआं उठ रहा था। चारों ओर चीख-पुकार मच रही थी। हमारे साथी भूरा सिंह व मैंने और लोगों को फोन कर बुलाया। तत्काल प्रभाव से घायलों को अस्पताल भेजने में जुट गए। 50 से अधिक घायलों को अस्पताल भेजा। सात से आठ लोगों को जली अवस्था में बाहर निकाला। योगेश ने बताया कि ऐसा खतरनाक व भयानक हादसा हुआ है, जिसकी कल्पना नहीं कर सकते हैं। गांव छिबरऊ निवासी सेवानिवृत्त सैनिक भगवान स्वरूप देशवार ने बताया सुबह 4.15 पर एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। तत्काल अपने साथ में कुछ युवकों को लेकर माैके पर पहुंचे। सभी घायलों को अस्पताल भेजा। लगभग 30-35 घायलों को अस्पताल भेजा। दो से तीन लोग झुलस चुके थे। चारों ओर चीख-पुकार मच रही थी। हाहाकार मचा हुआ था। एंबुलेंस और पुलिस के वाहनों के सायरन की आवाज सुनाई दे रही थी। ऐसा भयानक हादसा पहले हमने नहीं देखा।