संत प्रेमानंद शनिवार को गिरिराज प्रभु की सप्तकोसीय परिक्रमा लगाने पहुंचे। सुबह करीब छह बजे संत प्रेमानंद वृंदावन से छटीकरा मार्ग होते हुए राधाकुंड पहुंचे। वहां से उन्होंने गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा की शुरुआत की। उनके साथ सैकड़ों भक्तजन परिक्रमा करने के लिए चल पड़े। करीब सात किलोमीटर चलने के बाद बड़ी परिक्रमा मार्ग स्थित गांव आन्यौर के गोविंद कुंड पहुंचने पर संत प्रेमानंद को थकावट होने लगी, तो वे वहीं से गाड़ी में बैठकर वृंदावन निकल गए।