मथुरा के बरसाना में पांच दिन के इंतजार के बाद राधारानी की नगरी में आस्था की डोर फिर हवा में झूल उठी। रोपवे की केबिनें जैसे ही चलनी शुरू हुईं, जय राधे की गूंज से आसमान भर गया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर लौटी मुस्कान ने बरसाना की चहल पहल को फिर से जीवंत कर दिया। ऊपर भक्तों की उड़ान और नीचे रंग-बिरंगे बाजारों की हलचल बरसाना अब सचमुच राधारानी के उत्सव में नहाया हुआ है। शनिवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ मंदिर की ओर उमड़ पड़ी। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए रोपवे ने दर्शन को पहले से कहीं अधिक सहज बना दिया है। हवा में झूलते भक्त राधे राधे कहते हुए जब ऊपर से बरसाना का नजारा देखते हैं, तो नगर की गलियों में उमड़ती भीड़ और सजावट का रंगीन नजारा हर किसी का मन मोह लेता है। व्यापारियों का कहना है कि 'रोपवे बंद होने से कारोबार पर असर पड़ा था, अब दोबारा शुरू होने से फिर वही पुरानी रौनक लौट आई है।' कटारा पार्क और सुदामा चौक के आसपास दुकानों में सुबह से श्रद्धालुओं की हलचल बनी रही। प्रसाद, माला खरीदते भक्तों की कतारों से पूरा नगर जीवंत हो उठा। हवा में मिलती मिठाई की खुशबू और भक्तों की आवाजें एक साथ बरसाना के माहौल को भक्ति से सराबोर कर रही हैं। रोपवे संचालकों के अनुसार दिवाली से पहले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए हैं ताकि हर दर्शन करने वाला बिना परेशानी के राधारानी के दरबार तक पहुंच सके।