रक्षाबंधन पर जेल में बंद अपने भाई की झलक पाते ही बहनों की आंख से आंसू निकल आए। भाइयों ने बहनों को अपराध से दूर रहने का वचन दिया। साथ ही जेल से बाहर निकलने के बाद ईमानदारी से जीवन व्यतीत करने का आश्वासन देकर रक्षा सूत्र बंधवाया। जेल प्रशासन के अनुसार रक्षाबंधन पर 1549 बहनों ने जेल में बंद 898 बंदियों के राखी बांधी। सुबह 8.30 से शाम 4.30 बजे तक 767 बच्चों समेत 2316 महिला-पुरुषों ने जेल में बंद अपने परिजन से मुलाकात की। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दूर दराज से आने वाली बहनों के ठहरने के लिए जेल प्रशासन ने टेंट और उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति ने पेयजल, बिस्कुट तथा बच्चों के लिए चॉकलेट की व्यवस्था की। वहीं जो महिला अपने साथ राखी नहीं लाईं थीं, जेल प्रशासन ने उनके लिए राखी, रोली व चावल और मिठाई की व्यवस्था की।