संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पश्चिम एशिया में अशांति की ओर इंगित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि भारत विश्व गुरु बनेगा और विश्व को नई सुखी और सुंदर दुनिया के बनाएगा। इसके लिए संतों से संतत्व से सीख लेकर उनकी प्रेरणा और अध्यात्म के आधार पर भारत विश्व गुरु बनेगा। इसके लिए संघ संतों के साथ मिलकर प्रयास करेगा। यह विचार उन्होंने वृंदावन के वंशीवट क्षेत्र स्थित मलूक पीठ में संत मलूकदास महाराज के 452वें जयंती महोत्सव में व्यक्त किए।