मथुरा में यमुना का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है। रविवार को दोपहर जलस्तर 165.55 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं। कई ऐसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं, जहां बाढ़ का पानी ठहर गया है। बाढ़ के कहर से सैकड़ों एकड़ फसलें मलबे में दफन हो गईं। खेतों में दो-दो फीट मिट्टी जमा हो गई है। श्रीजी राधा की जन्मस्थली रावल गांव में हजारों बीघा फसल डूब गई। श्रीजी के मंदिर जाने वाला रास्ता भी डूबा हुआ है। यह वही रावल गांव है, जिसे सांसद हेमा मालिनी ने पहली बार सांसद बनने के बाद गोद लिया था। बाढ़ का असर मथुरा के यमुना पार क्षेत्र में अभी भी देखने को मिला, लेकिन अब धीरे-धीरे पानी उतरने लगा है।