मथुरा के श्रीराधारानी की प्राकट्य स्थली गांव रावल में लठामार होली का आयोजन किया गया। हुरियारिनों ने हुरियारों पर रसिया गाते हुए लाठियां बरसाईं। आरंभ सेवायत राहुल कल्ला ने राधारानी की आरती उतारकर और उनके विग्रह पर गुलाल लगाकर किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण राधारानी के जयकारों गुंजायमान हो उठा। रावल की हुरियारिनें 16 शृंगार में सज हाथों में लाठी लिए रसिया गाती हुईं मंदिर प्रांगण पहुंचीं। रसिया के बीच हुरियारिनों ने गोकुल से पहुंचे हुरियारों पर लाठियां बरसाईं। आसपास के गांव नगला पोला, गोपी की नगरिया, नगला देवकरन, घड़ी हयातपुर, नगला रत्ती, सिहोरा, नगला पापरी आदि गांवों सहित राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रद्धालु यहां होली देखने पहुंचे। बाबा मोहिनी शरण महाराज और दलवीर ब्रजवासी ने रसिया गायन किया गया। उन्होंने तू गोकुल का ग्वाला, मैं वृषभानु किशोरी, रंग डाला गयो नंदलाल पकड़ो री जाए पकड़ो, होली खेलन आए बांकेबिहारी, सुन-सुन-सुन मेरी रावल वारी, होली खेले तो रावल धाम आजा रसिया, गोकुल के ग्वाल होली खेलन आए रावल धाम, तो में मारुंगो पिचकारी तान गोरी होली में...आदि रसिया सुनाए। भीड़ नियंत्रण के लए वाहनों को बैरियर लगाकर मंदिर से 500 मीटर पहले ही रोक दिया गया। इस दौरान राधा शरण कालू महाराज, प्रभु शरण, बलवीर सारस्वत, राजकुमार सारस्वत, विपिन आदि मौजूद रहे।