मथुरा के राधाकुंड में अहोई अष्टमी की अर्धरात्रि जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए राधाकुंड की लहरों में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से आए निसंतान दंपतियों ने राधाश्याम कुंड में स्नान किया और राधा रानी से मातृत्व का वरदान मांगा। किसी ने दीप जलाकर प्रार्थना की तो किसी ने जल में डुबकी लगाई। राधे-राधे और जयश्री राधे के उद्घोषों से वातावरण गूंज उठा।