बरसाना। योगीराज श्रीकृष्ण के अवतरण से पूर्व ब्रजभूमि में उनके अग्रज शेषावतार बलदाऊजी महाराज के प्राकट्य की लीला का उत्सव मनाया गया। राधारानी की प्रधान सखी ललिता के निज गांव ऊंचागांव में सोमवार को दाऊजी महाराज के 571वें प्राकट्योत्सव पर मंदिर से लेकर गांव तक भक्ति की छटा दिखाई दी। दाऊजी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक हुआ तो दाऊजी महाराज के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। वहीं भजन संध्या में गुर्जर समाज की महिलाओं ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर उत्सव में ब्रज की लोक परंपरा का रंग भर दिया। प्राकट्योत्सव पर मंदिर सेवायत गोस्वामी उपेंद्र नारायण भट्ट, घनश्यामराज भट्ट, दिलीप महाराज, कृष्णानंद सूसठ महाराज और ललित महाराज ने गर्भगृह में वेद ऋचाओं का सस्वर पाठ किया। मंत्रोच्चार के बीच रेवतीरमण बलदाऊजी के श्रीविग्रह का पंचामृत से अभिषेक कराया गया। इसके बाद श्रीविग्रह को मंदिर के चौक में विराजमान कराया गया। अभिषेक के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। दाऊजी महाराज के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या में मृदुल भजनों की स्वर लहरियां गूंजीं। भजनों की धुन पर गुर्जर समाज की महिलाएं पारंपरिक लोकनृत्य में रम गईं। महिलाओं के नृत्य ने उत्सव में ऐसा रंग भरा कि श्रद्धालु भी भक्ति में झूमते नजर आए।प्राकट्योत्सव के समापन पर मंदिर परिसर में साधु-संतों और ब्राह्मणों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। उन्हें प्रसाद कराया गया।इस दौरान घनश्याम भट्ट, ललित भट्ट, दिनेश भट्ट, कृष्णानंद सुसठ भट्ट, दिलीप भट्ट, घनश्याम, रोहित भट्ट, सर्वेश भट्ट, अरुण भट्ट, मुकेश पंडित, ठाकुर प्रसाद, मितुल भट्ट, सतीश पाठक, गुलाब प्रधान आदि मौजूद रहे।