फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर गुरु गोरखनाथ परिक्रमा समिति के तत्वावधान में बुंदेलों ने मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और रामधुन के साथ ऐतिहासिक गोरखगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाई। इसके बाद भजन-कीर्तन, सत्संग व फाग गायन का आयोजन हुआ। पर्वत के महत्व पर ईसुरी की चौकड़िया फाग की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय हो गया। शिवतांडव मंदिर से शुरू हुई परिक्रमा यात्रा पठवा के बाल हनुमान मंदिर, रामजानकी मंदिर, संत कबीर आश्रम, हाजी फिरोजशाह की दरगाह, संकरे संन्यासी, काली माता, छोटी चंद्रिका मंदिर होते हुए गुजरी। इस दौरान पं. हरीशंकर नायक ने गोरखगिरि की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन किया। इस दौरान बुंदेलों ने मंदिर परिसर में ओम नम: शिवाय का जाप किया और एक-दूसरे को होली की बधाई दी। इस मौके पर मुन्नालाल धुरिया, पवन चौरसिया, राकेश, परशुराम अनुरागी, चंद्रभान श्रीवास, बहादुर, साध्वी सुनीता, पं. अवधेश तिवारी, अजीत, विनोद सोनी आदि मौजूद रहे।