लखीमपुर खीरी में लंबी दूरी की स्लीपर बसें न केवल सवारियों के साथ खिलवाड़ करती हैं, बल्कि राजस्व का भी भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। स्लीपर बसों में सवारी के साथ ही माल भी ढोया जा रहा है, जिससे रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं है। सवारियों के साथ सामान ढोने का खेल पूरे जिले में चल रहा, लेकिन पलिया, धौरहरा, मैगलगंज, तिकुनिया आदि क्षेत्रों में ज्यादा है। धौरहरा क्षेत्र के टापरपुरवा के पास रविवार को एक स्पीलर बस मिली, जिसमें क्षमता से अधिक सवारियां होने के साथ ही उसकी छत पर सामान भी लोड था। साइकिल सहित घरेलू व ट्रांसपोर्टर का सामान भी लदा था। यह बस बहराइच से सिसैया, धौराहरा, कफारा, रमियाबेहडा, चंदपुरा, ढखेरवा, निघासन, पलिया होते हुए जालंदर जाती है। धौरहरा होते हुए इस तरह की छह बसें रोजाना रवाना होती हैं। प्रवर्तन अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ने बताया कि स्लीपर बसों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पलिया में एक बस सहित कई वाहनों को सीज किया गया।