लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है, यह बात भीतरगांव-घाटमपुर मार्ग पर स्थित कुम्हेङिया गांव के पास चरितार्थ हो गई। महीनों से बनकर तैयार खड़े नवनिर्मित पुल के लोकार्पण के लिए जब प्रशासन और सफेदपोश नेता 'शुभ मुहूर्त' और 'वीआईपी तारीख' का इंतजार करते रहे, तो थक-हारकर ग्रामीणों ने खुद ही कमान संभाल ली। बिना किसी तामझाम और बिना किसी वीआईपी के, ग्रामीणों ने पुल पर लगे अवरोधकों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया।