भारत-पाक युद्ध में तुर्किये और चीन ने पाकिस्तान की मदद की थी। अब इसका विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी फल मंडी के कारोबारियों ने तुर्किये और चीन के सेब नहीं बेचने का ऐलान किया है। कारोबारियों का कहना है कि दुश्मन देश का समर्थन करने वालों के साथ कारोबार नहीं किया जाएगा। शहर में प्रतिदिन दो ट्रक चीन और तुर्किये का सेब दिल्ली-मुंबई के जरिये शहर आता है। एक ट्रक में 20 टन माल होता है। चकरपुरमंंडी में आने वाला सेब यहीं से अन्य जिलों में जाता है। कानपुर फ्रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश सिंह तोमर ने बताया कि मंडी में 30 आढ़ती सेब का व्यापार करते हैं। मंडी में बैठक के बाद तुर्किये और चीन के सेब के बहिष्कार का निर्णय किया गया है। कहा गया कि कश्मीर, शिमला और कुल्लू का सेब बेचा जाएगा। उन्होंने बताया कि तुर्किये और चीन के सेब का भाव 200-250 रुपये किलो होता है। इनकी सबसे ज्यादा मांग बड़े होटलों और शादी समारोहों में ही होती है। वहीं, इन देशों से सेब या अन्य फल का आयात-निर्यात करने वाले कारोबारियों से इनसे व्यापार बंद करने की अपील की। इस मौके पर जुबैर अहमद, हारून, राहुल गुप्ता, इंद्रराज सिंह, जावेद, लक्ष्मी शंकर साहू, पुन्नीलाल आदि रहे। वहीं, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीतू सिंह का कहना है कि दुश्मन देश के साथ किसी तरह का कारोबार नहीं किया जाएगा। फल कारोबारी एकजुट हैं।