भीतरगांव इलाके को भी कोहरा पूरी तरह आगोस में लिये है। हलांकि गुरुवार सुबह दस बजे तक कोहरा छंट गया था और सूर्य देव अपनी रोशनी बिखेर चुके थे। खेतों में या सड़क किनारे छोटी छोटी झाड़ियों में मकड़ी के धागों से बने जाल में कोहरे की असंख्य बूंदे लटक रही थीं। ये नन्हीं बूंदें मकड़ी जाल के हर धागे पर इस तरह लगी थी कि वह चांदी के हार जैसा दिख रहा था।