नगर पालिका गंगाघाट में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की गलत भर्ती और करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा है। मामले में पूर्व सभासद ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। लोकायुक्त के आदेश पर मंगलवार को तीन सदस्यीय जांच दल ने अधिशासी अधिकारी और संबंधित पटल के बाबुओं के बयान दर्ज किए। टीम ने मामले से जुड़े प्रपत्रों की भी जांच की। जांच टीम ने बताया कि एक हफ्ते के भीतर लोकायुक्त को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। शिकायतकर्ता पूर्व सभासद राजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्रा ने नियम विरुद्ध कार्य किया है। उन्हें मानवशक्ति आउटसोर्सिंग सेवा न्यूनतम मजदूरी श्रेणी में निविदा जेम पोर्टल पर अपलोड करनी चाहिए थी। अधिशासी अधिकारी ने सुविधा प्रबंधन सेवा मानवशक्ति आधारित निविदा प्रकाशित की। साल 2023 से अब तक ठेकेदार की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया है। पालिका के कुछ निर्वाचित सदस्य नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 82 का उल्लंघन कर रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि पालिका के अधिशासी अधिकारी और बाबुओं के चहेते ही आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे हैं। मेधावी और प्रतिभावान लोगों को अवसर नहीं मिल पा रहा है। जांच दल ने अधिशासी अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता और पालिका के कुछ बाबुओं के बयान लिए हैं। जांच दल अपने साथ कुछ महत्वपूर्ण प्रपत्र भी ले गया है। एक सप्ताह के भीतर लोकायुक्त को अंतिम रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच दल में हरदोई के जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार और वरिष्ठ कोषाधिकारी कोषागार, हरदोई अनुराग कुमार जांच दल में हैं।