मोतीझील मैदान पर कथा के पांचवें दिन गुरुवार को देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों के जीवन में सत्संग होता है, वह किसी भी कार्य को सिद्ध कर सकते हैं। भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन को संवारने का सर्वोत्तम साधन है। भागवत कथा सुनने से जीवन के सभी बिगड़े काम बन जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। देवता चाहकर भी मनुष्य नहीं बन सकते लेकिन मनुष्य चाहकर देवता बन सकता है। अर्थ यह है कि मानव जीवन में परमात्मा ने इतनी अद्भुत क्षमताएं दी हैं कि वह अपनी इच्छाओं व कर्मों से स्वयं को ईश्वर के करीब ले जा सकता है। कथा में आचार्य हरिदास महाराज (अयोध्या धाम ) भी पहुंचे। देवकी नंदन ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलकर ही जीवन में सभी सिद्धियां व मोक्ष की प्राप्ति संभव है। धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ से नहीं , बल्कि यह अपने जीवन में सत्य, करुणा व सेवा जैसे गुणों को अपनाने से है। दूसरों की मदद व भलाई में जो सुख और संतोष है, वह किसी अन्य में नहीं है।