मिश्रा कॉलोनी स्थित एक सामुदायिक शौचालय को नेडा की ओर से ध्वस्तीकरण के निर्देश के बाद भी पालिका का मरम्मत कराने के टेंडर करने और अधिक दर में सोडियम लाइट खरीदने के मामले की शिकायत लोकायुक्त में की गई थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर शनिवार को तीन सदस्यीय टीम ने चार घंटे तक जांच पड़तल की। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी जाएगी। लखनऊ के उपायुक्त उद्योग मनोज कुमार चौरसिया, वित्तीय परामर्शदाता जिला पंचायत नीलोत्तम चौबे व सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण एसएम यादव शनिवार को दोपहर 12 बजे मिश्रा कॉलोनी पहुंचे और जांच पड़ताल की। टीम के अधिकारियों ने बताया कि शुक्लागंज निवासी राजीव शुक्ला ने शौचालय का नेडा की ओर से ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद पुन: मरम्मत के लिए टेंडर किया जाना और अधिक दर में सोडियम लाइट खरीदने की शिकायत 23 जून को लोकायुक्त के यहां की थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर वह लोग यहां जांच करने आए। बताया कि जांच के दौरान शौचालय के स्थान को लेकर असमंजस्य रहा। शिकायतकर्ता ने सीताराम कॉलोनी स्थित शौचालय का जिक्र किया गया है, जबकि मौके पर वह शौचालय मिश्रा कॉलोनी के अंतर्गत आ रहा। इसके बाद सीताराम कॉलोनी स्थित शौचालय का भी निरीक्षण किया गया। पालिका जाकर सोडियम लाइट खरीद के मामले में पत्रावलियां टीम ने अपने सुपुर्द कर लिया है, जिसकी शासन स्तर पर जांच होगी। इस दौरान पालिका ईओ मुकेश कुमार मिश्रा और जेई घनश्याम मौर्य से भी जांच टीम ने पूछताछ की। दोनों मोहल्लों के लोग और शिकायतकर्ता के भी बयान दर्ज किए गए हैं।