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करदाता को विकल्प चुनने की बजट में मिली छूट, टैक्स बार एसोसिएशन की गोष्ठी में वक्ताओं ने बजट पर रखे विचार

शिखा पांडेय Updated Tue, 03 Feb 2026 07:43 PM IST

टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को लखनपुर स्थित कार्यालय में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बजट पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में ओल्ड टैक्स रेजीम एवं नई टैक्स रेजीम दोनों ही लागू रहेंगी। करदाता को विकल्प चुनने की छूट मिली है। मुख्य वक्ता, अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि बजट में आयकर की दृष्टि से नौकरीपेशा, कारोबारी और मध्यम वर्ग के आयकरदाताओं को कर बोझ से कोई राहत नहीं मिली है। आयकर की करमुक्ति धनराशि सीमा, टैक्स की स्लैब दरें पूर्व की भांति यथावत लागू रहेंगी। खास बात यह है कि जेल की सजाओं से मुक्ति एवं उसकी अवधि कम की गई है। इसके स्थान पर अर्थदंड और लेट फीस के रूप में अब धनराशि वसूली जाएगी। टीडीएस और टीसीएस की दरों में परिवर्तन किया गया हैं। आयकर रिटर्न और संशोधित रिटर्न अब वित्तीय वर्ष की समाप्ति से अगले वित्तीय वर्ष की 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया है। दिसंबर के बाद मार्च तक दाखिले में अतिरिक्त लेट फीस लगाई जा सकती है। अघोषित विदेशी संपत्ति और आमदनियों को घोषित करने के मामले में 6 माह की एक योजना सरकार ने घोषित की है। निर्माता व्यापारियों को इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का प्रॉविजनल रिफंड अब सात दिन के अंदर 90 फीसदी धनराशि मिल जाएगा। शेष 10 प्रतिशत जांच-पड़ताल के बाद दी जाएगी। इस मौके पर हरिओम गुप्ता, पंकज श्रीवास्तव, एसएस निगम, अशोक अग्रवाल, राजेश कुरील, प्रमोद द्विवेदी, रत्नेश, अवधेश श्रीवास्वत आदि थे।

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