सरसौल ब्लॉक के रहने वाले सात युवाओं का एक दल गुजरात के सूरत से सात दिवसीय प्रशिक्षण पूरा कर लौट आया है। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के माय भारत युवा अंतर जनपदीय आदान प्रदान कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। इस दौरान युवाओं ने सूरत के विश्व प्रसिद्ध बिजनेस मॉडल और विशाल औद्योगिक संरचना का गहन अध्ययन किया। सात दिवसीय इस सघन प्रशिक्षण में कानपुर के प्रतिभागियों ने हीरा उद्योग और वहां के सफल औद्योगिक तंत्र को बारीकी से समझा उन्होंने जाना कि किस प्रकार प्रभावी कार्यप्रणाली और बिजनेस स्ट्रेटेजी के माध्यम से सूरत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। सूरत में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इस सात सदस्यीय दल में नरवल तहसील के टौंस गांव के सतीश यादव, भदासा के हिमांशु मिश्रा, सुन्हैला के संगम साहू और बिल्हौर के हरिओम द्विवेदी, हर्षित, अंशू भारती और विकास यादव शामिल थे। प्रशिक्षण से लौटे युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि माय भारत की यह पहल उन्हें पेशेवर दुनिया की वास्तविक चुनौतियों और संभावनाओं को समझने में सहायक होगी उन्होंने माना कि सूरत के बिजनेस मॉडल को कानपुर के परिप्रेक्ष्य में समझना उनके लिए एक महत्वपूर्ण सीखने का अनुभव रहा।