साढ़ इलाके में रोस्टिंग के नाम पर छै से सात घंटे की कटौती इसके बाद लोकल फाल्टों के मरम्मत के नाम पर कई कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। इससे 08-10 घंटे तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। किसान पलेवा के लिये दिनरात खेतों में बिता रहा है। जबकि गांवों में बमुश्किल 12 से 14 घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है।