रामजानकी मंदिर बिठूर के ब्रह्मवर्त घाट पर पर स्थित है जहां रामदरबार के अलावा आपको अति प्राचीन अष्टधातु के बाण देखने को मिलेंगे। मान्यता है कि ये बाण भगवान राम के पुत्र लव और कुश के हैं। पुजारी ने बताया कि ये बाण पूर्वजों को गंगा की बालू में दबे हुए मिले थे। रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन बाणों को देखने आते हैं।