अकबरपुर थाना पुलिस व एसआईटी ने व्याचसायिक प्रशिक्षण केंद्र की आड़ में धर्मांतरण करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह विशेष तौर पर अनुसूचित जाति के लोगों को धन और अन्य सामग्री का लालच देकर धर्मांतरण कर रहा है। अकबरपुर थाने की पुलिस ने शुक्रवार को निबौली निवासी रामभरोसे की तहरीर पर धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि कन्नौज में धर्मांतरण मामले में जिले की संस्था का नाम आने पर एसआईटी का गठन किया गया था। शनिवार को अकबरपुर थानाध्यक्ष हरमीत सिंह व एसआईटी ने कानपुर-इटावा हाईवे पर बाढ़ापुर के पास नवाकांति सोसाइटी के पास छापा मार कर संस्था के मैनेजर डेनियल शरद सिंह निवासी 370/2ए आईटीआई माउंटेन स्कूल के पास थाना सीपरी बाजार जनपद झांसी, पातेपुर अकबरपुर निवासी हरिओम त्यागी व नेहरू नगर अकबरपुर निवासी सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बताया कि वे नवाकांती सोसायटी के नाम से एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं, जिसका पंजीकरण मछली पट्टनम, आंध्र प्रदेश में है। यहां एसी, फ्रिज, फिटर और कारपेंटर जैसे कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाता है। हालांकि, संस्था का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के लोगों को ईसाई धर्म के बारे में बताकर उनका धर्म परिवर्तन कराना था। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि हरिओम त्यागी संस्था में पादरी के तौर पर धार्मिक उपदेश देता था जबकि डेनियल शरद सिंह देशी-विदेशी धन का लेखा-जोखा और सामान की खरीद का हिसाब रखता था। सावित्री शर्मा संस्था की प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करती थीं और प्रार्थना सभाओं का आयोजन करती थीं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक चेन सिस्टम प्रणाली के तहत लोगों को प्रलोभन देकर संस्था से जोड़ते थे और उनका धर्म परिवर्तन कराते थे। हरिओम त्यागी के मोबाइल से कई फोटो और वीडियो मिले हैं, जिनमें लोगों को धर्म परिवर्तन कराते हुए और बाइबिल का पाठ करते हुए दिखाया गया है। यह भी पता चला है कि तीनों आरोपियों का भी काफी समय पहले धर्मांतरण करवाया गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों का नेटवर्क अंतरप्रांतीय स्तर पर फैला हुआ है और उन्हें विदेश से भी धन प्राप्त होने के साक्ष्य मिले हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है।