एक व्यक्ति से एक दिन में दो लाख रुपये से अधिक ले रहे हैं तो ऐसे लोग भी आयकर विभाग की निगाह में हैं। उच्च मूल्य खर्च, निवेश, अचल सम्पत्तियों, शेयर और म्युचुअल फंड आदि से होने वाली आय का आयकर विभाग जांच और सत्यापन के लिए डाटाबेस तैयार कर रहा है। विभाग 15 तरीकों से लेन-देन पर नजर रख रहा है। मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए कार्य कर रहा है। विभाग के पास सभी उच्च मूल्य के खर्चों, निवेशों की लगातार जानकारियां मिल रही हैं। आयकर कानून की धारा 285 बीए एवं नियमावली के नियम 114ई में यह सभी उच्च लेनदेन परिभाषित किए गए हैं। किसी भी बैंक के चालू खाते में 12.50 लाख से अधिक जमा धनराशि, किसी भी एक व्यक्ति से एक दिन में दो लाख से अधिक रुपये लेना भी विभाग की नजर में है। इसके अलावा किसी भी वित्तीय वर्ष में नगद धनराशि से बैंक ड्राफ्ट, पे आर्डर अथवा बैंकर चेक से 10 लाख या उससे अधिक बनवाए जाने संबंधी सूचना भी विभाग को मिल रही है। रिजर्व बैंक के प्री- पेड इंस्ट्रूमेंट की नकद खरीद 10 लाख या उससे अधिक एक वित्तीय वर्ष में किए जाने की सूचना, किसी भी बैंक के चालू खाते से नगद धनराशि की निकासी 50 लाख या उससे अधिक वित्तीय वर्ष में किए जाने, बैंक के चालू खाते एवं टाइम डिपॉजिट के अलावा अन्य किसी मद में जिसमें बचत खाता या किसी भी खाते में नकद धनराशि 10 लाख या उससे अधिक एक वित्तीय वर्ष में जमा कराये जाने की सूचना भी विभाग के पास आ रही है। किसी भी वित्तीय वर्ष में 10 लाख या उससे अधिक जमा कराया जाना भी विभाग की नजर में हैं। एक लाख से अधिक धनराशि नगद भुगतान की सूचना, किसी बिल के जारी करने पर 10 लाख से अधिक किसी भी तरीके से भुगतान करने, जो क्रेडिट कार्ड से किया गया हो। इसकी भी सूचना विभाग के पास है।