होली में जिन लोगों को किसी कारणवश रंग लगाने की तमन्ना पूरी न हो सकी। गंगा मेला में सबसे पहले उन्हीं को रंग लगाकर कनपुरियों ने अपनी इच्छा पूरा की। साथ ही, ये भी कह डाला, होली में तो छोड़ दिया था...पर आज न छोड़ेंगे और इतना कहते ही मल दिया गालों में रंग और गुलाल। ये नजारा शनिवार को शहर की ज्यादातर की गलियों में आम रहा। सुबह से ही बच्चों ने पिचकारी थाम ली और शुरू हुआ लोगों को रंगने का दौर।