किसानों ने स्ट्रॉबेरी की तर्ज पर मल्चिंग और ड्रिप तकनीक अपनाकर टमाटर की खेती को हाई-टेक बना दिया है। इस पद्धति से टमाटर के फल मिट्टी के संपर्क में नहीं आते, जिससे वे बेदाग और कीड़ों से सुरक्षित रहते हैं। कम पानी और कम मेहनत में मिल रही बंपर पैदावार ने पारंपरिक खेती करने वाले किसानों को नया रास्ता दिखाया है।