अक्तूबर के अंतिम तीन चार दिनों तक बेमौसम हुई बारिश से खेतों में पकी और कटी हुई धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेत या खलिहान में कटी पड़ी धान की फसल सड़ रही हैं। दाने सड़ने के बाद नए अंकुर फूटने लगे हैं। रविवार सुबह धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन नुकसान की भरपाई मुश्किल लग रही है।