कस्बा भीतरगांव में बुधवार की रात मथुरा में अत्याचारी मामा कंस का वध करने के बाद पूरी रात लीला का मंचन चलता रहा। कान्हा और बलदाऊ अपनी सेना के साथ लीला के सबसे अंत में गुरुवार तड़के गोकुल पहुंचे, तो ग्वालवाल और सखियां उत्साह में झूम-झूम कर नाचे। इसके बाद मुरलिया वाले की जय...के उदघोष के साथ 149वीं श्री कृष्ण लीला का समापन हो गया।