सरकार निवेश यूपी के तहत नए-नए निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है। और सरकारी विभाग उद्यमियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। सेंट्रल इंस्पेक्शन सिस्टम (सीआईएस) की आड़ में उद्योगों का उत्पीड़न शुरू हो गया है। इस सर्वे में 35 पन्नों पर उद्यमियों से सूचनाएं मांगी जा रही हैं। इतने पन्नों की सूचनाएं ही उद्यमी देता रहेगा तब कारोबार कब करेगा। इस व्यवस्था को सरलीकृत किया जाए और एक पन्ने में उद्यमी से उसका घोषणा पत्र भरवाया जाए। जल्द ही उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल श्रमायुक्त से मिलेगा। प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री को भी समस्याएं बताएंगे। उद्योग बंधु की बैठक में भी समस्या उठाई जाएगी। मर्चेंट चैंबर हाल में आयोजित पत्रकारवार्ता में सीआईएस पर उद्यमियों ने नाराजगी जताई। चैंबर की इंडस्ट्री कमेटी के चेयरमैन सुशील शर्मा, वाइस चेयरमैन यादवेंद्र सचान ने कहा कि एक ओर सरकार नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं, सुविधाएं और सब्सिडी दे रही है। वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इसके ठीक विपरीत देखने को मिल रही है।