केंद्र सरकार ने नए आयकर अधिनियम का मसौदा पुराने कानून की जटिलता और भारी-भरकम भाषा को हटाकर आम करदाता के लिए आसान और स्पष्ट रूप में तैयार किया है। अब स्कूल और अस्पतालों को मिलने वाली छूट तालिका में लिखी जाएगी। 800 धाराओं को घटाकर 536 किया गया है। इससे कर की गणना आसान हो सकेगी और विवाद कम होंगे। आयकर में मिलने वाली छूट़ों में भी बदलाव किया गया है। इसके नियमों को कम किया गया है। अब इन्हें छह स्कीमों में बांटा गया है। तालिका फार्म में बनाया गया है। इससे करदाता तुरंत देख पाएंगे कि उनकी आय और उनकी श्रेणी के अनुसार कौन-कौन सी छूट उपलब्ध है। शहर में 10 लाख से ज्यादा आयकरदाता हैं। कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राजीव कुमार गुप्ता और कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट सीपीई स्टडी सर्किल के संयोजक सीए प्रशांत रस्तोगी ने बताया कि कि निर्धारण वर्ष और पूर्व साल जैसे दोहरे शब्दों की जगह कर वर्ष का इस्तेमाल शुरू किया गया है।