भीतरगांव और खदरी गांव में फैले खुरपका रोग से मवेशियों की चपेट में आने की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खदरी गांव में बीमार पशुओं का इलाज करने वाले झोलाछापों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। लेकिन सरकारी डॉक्टर न तो मौके पर पहुंच रहे हैं और न हीं इलाज की कोई व्यवस्था कर रहे हैं। गांव में सोमवार को एक और मवेशी ने दम तोङ दिया।