एक प्रभावशाली तस्वीर केवल दृश्य नहीं बल्कि एक संपूर्ण कथा होती है जिसे समझने के लिए संवेदनशील दृष्टि आवश्यक है। यह बात छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं मीडिया विशेषज्ञ डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कही। विभाग की ओर से फोटो जर्नलिज्म के विविध आयामों पर आयोजित विशेष व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल डॉ. चोपड़ा ने कहा कि फोटो जर्नलिज्म की जड़ें प्राचीन काल की चित्रात्मक अभिव्यक्तियों में मिलती हैं।