अखिलेश दुबे के खिलाफ शिकायतों की जांच की गति धीमी होने, रिपोर्ट दर्ज न किए जाने, केडीए द्वारा अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण न करने जैसे मुद्दों पर अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। कार्रवाई न होने व धमकियों से डरीं प्रज्ञा त्रिवेदी ने तो सोशल मीडिया पर पोस्ट व मेल करके इच्छामृत्यु तक की मांग कर दी। अखिलेश दुबे मुक्तिमोर्चा की ओर से मालरोड स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता का की गई। भाजपा प्रदेश संयोजक रवि सतीजा ने बताया कि किस तरह अखिलेश ने उनके साथ-साथ कई लोगों को दुष्कर्म के झूठे मुकदमों में फंसाकर रंगदारी वसूली। बिना किसी वकालत के अरबों रुपये की संपत्ति का मालिक बन गया। एक पान मसाला कारोबारी के बेटे को पॉक्सो के झूठे मुकदमे में दो साल जेल काटनी पड़ी जबकि वह लड़की को जानता तक नहीं था। बाद में कोर्ट से बरी हुआ। आईपीएस अफसर पर मदद के आरोप आईपीएस अधिकारी अमिताभ यश पर अखिलेश दुबे की मदद करने के आरोप लगाए गए। भाजपा नेता रवि सतीजा ने बताया कि जब वह डीजीपी प्रशांत कुमार से मिलने गए थे तो उन्होंने कहा था कि अखिलेश की मदद वरिष्ठ आईपीएस अफसर कर रहा है उससे जाकर मिलो। बताया कि आईपीएस अफसर से मिलकर अपनी पीड़ा बताई थी। वहीं, प्रज्ञा त्रिवेदी ने भी अखिलेश की बेटी आंचल पर इसी आईपीएस अधिकारी के रहते उनके परिवार का कुछ न बिगड़ने व धमकी देने का आरोप लगाया। कहा अगर सरकार न्याय नहीं दिला सकती तो उन्हें इच्छामृत्यु दे।