फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामगंगा एन्क्लेव, महावीरनगर पार्ट-2 योजना में 144 आवंटियों को मिले वैकल्पिक प्लाट

महावीरनगर विस्तार पार्ट-2 और रामगंगा एन्क्लेव आवासीय योजना के 144 आवंटियों का सोमवार को प्लाट का सपना पूरा हुआ। उन्हें लाटरी के माध्यम से वैकल्पिक प्लाट आवंटित किए गए। इनमें से एक योजना के आवंटी पांच तो दूसरी योजना के आवंटी 10 साल से वैकल्पिक प्लाट के लिए केडीए के चक्कर लगा रहे थे। प्राधिकरण उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने इन प्लाटों को योजना स्थल के आसपास रिक्त केडीए की जमीन पर विकसित कराया। केडीए ने पनकी क्षेत्र में स्थित रामगंगा एन्क्लेव आवासीय योजना में 2016 में प्लाटों का आवंटन किया था, पर उनमें से 22 प्लाट विवादित हो गए थे। इसी वजह से विकास प्राधिकरण इन आवंटियों को आवंटित प्लाटों का कब्जा नहीं दे पाया था। तभी से आवंटी कब्जे के लिए केडीए के चक्कर लगा रहे थे। इसी तरह पनकी क्षेत्र में ही स्थित महावीरनगर विस्तार पार्ट-2 आवासीय योजना में सन् 2020 में 877 भूखंड आवंटित किए गए थे। इनमें से ब्लॉक-ए के 52, ब्लॉक-बी के 2 और ब्लॉक-सी के 48 भूखंड विवादित हो गए थे। इस प्रकार 122 प्लाट विवादित होने की वजह से संबंधित आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पाया था। ये आवंटी भी वैकल्पिक प्लाटों के लिए केडीए के चक्कर लगा रहे थे। वर्षों से अपने भूखंड पाने की प्रतीक्षा कर रहे आवंटियों के चेहरों पर उस समय मुस्कान लौट आई, जब उनके विवादों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण करते हुए लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से वैकल्पिक प्लाट आवंटित किए गए। विक्रय जोन-2 की विशेष कार्याधिकारी मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि ये मामले 2016 और 2020 से लंबित थे। प्राधिकरण उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल और सचिव अभय कुमार पांडेय के निर्देशन में उन्होंने प्राथमिकता पर चार महीने में इन मामलों को सुलझाया और पार्यदर्शी तरीके से लाटरी के माध्यम से वैकल्पिक प्लाट आवंटित कराए। रामगंगा इन्क्लेव में जिन आवंटियों के पास पहले कॉर्नर प्लॉट थे, उन्हें पारदर्शी लॉटरी के माध्यम से पुनः कॉर्नर भूखंड ही आवंटित किए गए।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें