शाम होते ही 11 हजार दीपों से गंगा का किनारा जगमगा उठा। इस दौरान गंगा बैराज का बोट क्लब गंगा मां की भक्ति में डूबा नजर आया। इस दौरान शिव स्तुति के माध्यम से कलाकारों ने सभी का मन मोह लिया। अंत में सात आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगा आरती की।