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Kanpur: रात तीन बजे अपने घर पहुंचे Irfan Solanki, जुट गई सैकड़ों समर्थकों की भीड़..जमकर की आतिशबाजी

Video Updated Wed, 01 Oct 2025 02:53 PM IST

महाराजगंज जेल से रिहा होने के बाद पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि 34 महीने बाद खुली हवा में सांस ली है। इसके लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया। कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमेशा मेरे परिवार का साथ दिया। हर रोज वह फोन करके बच्चों का हालचाल लेते रहते थे। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह अपने लोगों के साथ बैठकर जेल में इतने दिन कैसे बीते इसे लेकर विस्तार से बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि शहर के लोगों के सहयोग की वजह से उनके जेल में रहते उनकी पत्नी विधायक बनीं। जेल से निकलने के बाद कार में उनकी पत्नी विधायक नसीम सोलंकी, बेटा और दोनों बेटियां पहले से ही इंतजार कर रही थीं। वह लोग सुबह ही महाराजगंज पहुंच गए थे। देर रात उनका महानगर पहुंचने पर जाजमऊ के पास स्वागत हुआ। घर पहुंचने पर मिलने वालों का तांता लगा रहा। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इटली से फोन पर बात कर उन्हें जेल से रिहा होने की बधाई दी।

नजीर फातिमा के प्लाॅट पर आग लगाने के मुकदमे में एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने सात जून 2024 को इरफान, रिजवान, शौकत अली, मो. शरीफ और इसराइल आटेवाला को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। अपील स्वीकार होने पर 14 नवंबर 2024 को इरफान को जमानत मिल गई थी। अन्य मुकदमों में भी इरफान को जमानत मिल चुकी थी सिर्फ गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत न मिल पाने के कारण रिहाई अटकी थी।

सपा के विधायक रहे इरफान सोलंकी को सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी जिसके कारण उनको अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी। इसके चलते सीसामऊ विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। चुनाव में सपा की ओर से इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी को मैदान में उतारा गया। सपा का दांव काम आया और नसीम चुनाव जीतने में कामयाब हो गईं। इससे सपा की परंपरागत सीट पर इरफान के परिवार का कब्जा बरकरार रहा।

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