झांसी के रेलवे बांध में पांच अप्रैल को चार युवक नाव में सवार होकर रील बना रहे थे। ऐसे में नाव असंतुलित हो गई और चारों बांध के गहरे पानी में समा गए। इसी दरम्यान पास में बकरी चरा रहे सुरेश केवल उर्फ कल्लू की उन पर नजर पड़ी। बगैर देर किए कल्लू बांध में कूद गए और दो युवकों को बचाने में वे कामयाब रहे। बुंदेलखंड की वीर धरा के इस सपूत ने अमर उजाला से अपना अनुभव साझा किया। बता दें कि कल्लू केवट की दो बेटियां हैं, जो पढ़ रहीं हैं। अमर उजाला फाउंडेश की ओर से उनकी दोनों बेटियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही शनिवार की शाम अमर उजाला कार्यालय में रियल हीरो कल्लू और उनके परिवार के लोगों को सम्मानित किया गया।