झांसी महानगर के 1.46 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 92 हजार के मीटर स्मार्ट किए जा चुके हैं। स्मार्ट किए गए इन मीटरों में प्रीपेड व्यवस्था लागू भी कर दी गई है। लेकिन, यही प्रीपेड व्यवस्था तमाम उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। बगैर किसी पूर्व सूचना के उपभोक्ताओं की बिजली काट दी जा रही है, पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें बिजली आने का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कितनी बिजली खर्च हुई, इस बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं दी जा रही है। बिजली विभाग के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।