मुहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को पूरे अकीदत के साथ शहर में ताजियों के जुलूस निकाले गए। सर्राफा बाजार से निकले ताजिया जुलूस में 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताजियों को विदाई दी, जिसके बाद कर्बला में उनका सुपुर्द-ए-खाक (विसर्जन) किया गया। इस दौरान जगह-जगह सुरक्षा दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।