मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेढ़की में सोमवार की सुबह भीषण आग में 12 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई। सबसे ज्यादा मार किसान किदारी कुशवाहा पर पड़ी है, जिनके घर में आगामी 3 अप्रैल को बेटी की शादी है। ग्राम मेढ़की निवासी किसान किदारी कुशवाहा ने गांव के ही एक बड़े किसान से 9 बीघा खेत 60 हजार रुपये सालाना किराए पर लेकर गेहूं की बुवाई की थी। जुताई, खाद, बीज और सिंचाई में लगभग 30 हजार रुपये की लागत लगाने के बाद फसल कटाई के लिए तैयार थी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे अचानक खेत में आग लग गई। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, लपटों ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बताया कि आगामी 3 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी है। उन्हें उम्मीद थी कि फसल बेचकर वह शादी का खर्च उठाएंगे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। फसल जलने से परिवार गहरे सदमे में है और शादी की खुशियों वाले घर में मातम छाया हुआ है। इसी आग की चपेट में आने से बगल के खेत के किसान राजाराम की भी 3 बीघे की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव नारायण सिंह परिहार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसानों को ढांढस बंधाया।शासन-प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग की। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन संवेदनशीलता दिखाए और 72 घंटे के भीतर नुकसान का सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा दिलाए। बेटी की शादी वाले परिवार पर यह वज्रपात असहनीय है। इस मौके परकिसान सेवक शेखर राज बड़ोनिया, लालचंद आर्य, राहुल आदि मौजूद रहे।