लोक अदालत बिखरते परिवारों को जोड़ने का केंद्र भी बनी। पारिवारिक न्यायालय ने 16 विवादित जोड़ों के मध्य सुलह कराई। पारिवारिक न्यायालय में वर्षों से लंबित विवादों को खत्म करने के लिए काउंसिलिंग की गई। छह जोड़ों ने अपने मतभेदों को भुलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। इन जोड़ों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और मिष्ठान खिलाकर अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। मप्र के दिनारा से आए आशीष व पत्नी शिखा ने दो साल पुराने शिकवे भुलाकर एक दूसरे के साथ रहने का निर्णय लिया। अजीतपुरा के रहने वाले कप्तान व फतेहपुर निवासी सविता ने 10 साल की कड़वाहट भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए।