कंपनियों द्वारा दुकानदारों को उर्वरकों के साथ (नैनों, सल्फर, कैल्शियम नाइट्रेट) टैगिंग आदि उत्पाद खरीद करने के लिए विवश करने का विरोध करने किया जाता है। ऐसे में अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उन्हें परेशान किया जाता है। इसके विरोध में हापुड़ खाद कीटनाशक एवं बीज एसोसिएशन ने दोपहर तक दुकान बंद की और एसडीएम कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दुकानदारों दुकानदारों का कहना था कि डीएपी, यूरिया, एनपीके आदि उर्वरकों की खरीद करते समय कंपनियां टैगिंग के नाम पर अनेक उत्पाद लेने के लिए मजबूर करती हैं। लेकिन किसानों को उनको साथ में (टैगिंग नैनों, सल्फर, कैल्शियम नाइट्रेट आदि उत्पाद) दिए जाते हैं ताे वह लेने से इंकार कर देते हैं। टैगिंग नहीं लेने पर वह उर्वरक नहीं खरीदते हैं। जबकि कृषि विभाग भी समय समय पर उर्वरकों के साथ किसी भी किसान को जबरन टैगिंग नहीं देने का निर्देश देता है। ऐसे में दुकानदारों के पास आने वाला टैगिंग का सामान एकत्र होता रहता है। इससे दुकानदारों को काफी नुकसान हो रहा है। जबकि यह माल लंबे समय से गोदाम में पड़े रहने के कारण अधिकारी इसकी गुणवत्ता खराब बताकर दुकानदार का लाइसेंस निरस्त करने की धमकी देते हैं। जिससे दुकानदार मानसिक रूप से परेशान हैं। ऐसे में दुकानदारों ने प्रदेश के साथ जिले में भी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को इस समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की है। दोपहर में दुकानदार पुरानी कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष प्रवेश अग्रवाल, मंत्री उपेंद्र कुमार शर्मा, दीपक कुमार मौजूद रहे।