सावन से भगवान शिव का रिश्ता जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बाल रूप के दर्शन के लिए अयोध्या जाते समय यहां साधु वेश में ठहरे थे, और यहीं पर उन्होंने दुखहरणनाथ मंदिर में कुटिया बनाई थी। बाद में यहां पर भगवान भोलेनाथ का भव्य मंदिर बनाया गया। मान्यता है कि यहां पर भोलेनाथ के प्रवास के कारण अगर कोई श्रद्धालु सच्चे दिल से भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यहां पर प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। सावन में भोलेनाथ की आराधना को लेकर हर दिन श्रद्धालु आते हैं। हर ओर बोल बम की गूंज अयोध्या सीमा पर हर ओर बोलबम की गूंज है। दरअसल, बस्ती व अयोध्या के शिव मंदिर पर जलाभिषेक के लिए कावंड़ियां यहां से होते हुए सरयू जल लेने पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने पुराने सरयू पुल पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही अन्य रूटों पर भी आवागमन में बदलाव किया गया है।