कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को एक बार फिर राहुल गांधी व कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी के बयान पर कहा कि राहुल गांधी को मनुस्मृति पढ़ना चाहिए। सवाल मनुस्मृति का नहीं है, तमाम महापुरुषों ने जब राज चलाया तो समाज को एक व्यवस्था देने का काम किया है। मनुस्मृति पढ़ना चाहिए। जन्म के आधार पर ना कोई शूद्र था, न जन्म के आधार पर कोई वैश्य था, ना जन्म के आधार पर कोई क्षत्रिय था। उनको यह भी पढ़ना चाहिए कि वेदव्यास को जो सम्मान द्वापर में प्राप्त है, वेदव्यास कौन थे यानी कर्म के आधार पर घटने और बढ़ने की व्यवस्था थी तो मनुस्मृति हम सबके लिए गर्व करने का विषय है। उस समय उन्होंने एक व्यवस्था दी थी कि समाज का संतुलन कैसे बना रहे, किस आधार पर समाज चले, उस समय का नियम था। जिसको मनुस्मृति में लिखा गया है और बाद में मनुस्मृति में कुछ छेड़छाड़ की गई है। देश के अंदर विवाद पैदा करने के लिए इसमें छेड़छाड़ की गई है। अगर मूल जो मनुस्मृति है, उसको अगर राहुल गांधी पढ़ लेते तो अच्छा होता। उन्होंने कहा कि जिस समय देश में आपातकाल लगा उस समय देश में तुष्टीकरण की राजनीति चल रही थी और यही कारण है जो संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ा गया। जो संविधान की मूल प्रस्तावना है जिसको बाबा साहब आंबेडकर की देखरेख में बनाया गया था। उसमें यह नहीं है और कांग्रेस ने कई बार तुष्टीकरण के आधार पर संविधान में छेड़छाड़ करने का कार्य किया है। जिसके कारण आज नये नये विवाद हो रहे है और मैं भी आवश्यकता महसूस करता हूं कि जहां-जहां जिसके कारण समाज में तनाव पैदा होता हो या पैदा हो रहा है उन शब्दों को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल को लेकर भी चिंता जताई।