दिन-रात मेहनत कर लोगों के पेट भरने वाले अन्नदाता आज धान की फसल बचाने के लिए भूख-प्यास व नींद को त्याग कर समितियों पर डटे हुए हैं। कई घंटों तक खड़े रहने के बावजूद उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रही है। तस्वीरों में आप जो लंबी-लंबी कतारें देख रहे हैं, ये वो बेबस किसान हैं जो खाद के लिए सुबह तीन बजे से ही खड़े हैं। मीडिया के कैमरे की नजर पड़ी तो साधन सहकारी समिति गौरा चौकी पर लाइन में लगी फूलमती का दर्द छलक पड़ा। बोली रात तीन बजे से लाइन में लगी हैं। दस बजे तक एक घूंट पानी तक नहीं पिया। समिति पर ताला लगा है। उन्होंने कहा कि यदि धान की फसल बर्बाद हो गई तो बच्चे क्या खाएंगे। कृषि मंत्री व सिस्टम से यह सवाल सिर्फ फूलमती का ही नहीं बल्कि बेबस व लाचार उन हजारों किसानों का है जो खाद के लिए लाइन में लगे हैं। इसी समिति पर संध्या देवी, श्यामकली सहित करीब 100 से अधिक महिलाएं तीन व चार बजे से लाइन में लगी हैं।